Monday, January 28, 2019
Wednesday, January 9, 2019
Friday, January 4, 2019
Friday, December 7, 2018
दादाजी की पिट्ठी मा

दादाजी की पिठ्ठी मा
खूब घुम्यों मैं भी
कभि तल्या ख़्वाल
कभि मल्या ख़्वाल
माँजी गई जब
धाण-काज कु
त बण्यां मेरा रख्वाल
मेरी गाड़ी त बस
दादाजी की पिट्ठी छायी
ज्वा सर्या गौं का
दर्शन करांदी छायी
अब त बालापन का
दिनों याद करि कि
भारी खुदेणों छौं
बैकुण्ठवासी दादाजी
तुम थैं नमन कनों छौं।
©® अनूप सिंह रावत "गढ़वाली इंडियन"
दिनांक: 07-12-2018 (शुक्रवार)
Wednesday, November 14, 2018
बळ विकास नि हूणु च !!!
कु ब्वनु च कि विकास नि हूणु च
इनै आवा जरा तुम थैं दिखांदू छौं
देखा त सै फिर बोल्यां तुम इनु
मनरेगा मा खड़ोला खैंड्या छन
ढया-ढयों मा जरा देखि कि आवा
पाणी नि अटकुदु व अलग बात च
बांजा ह्वेगेनी जब पुंगड़ा तब
नैर (कूल) बणी च पुंगिड्यों कु
सूखा रौंलू मा व अलग बात च
सड़क पौंछि गैनी सभ्या गौं मा
कच्ची सड़िक्यों बान पहाड़ उजाड़ी
सड़क दुर्घटना हूणी अलग बात च
स्कूल खुल्यां छन गौं-गौं मा
दाल-भात की सपोड़ा-सपोड़
मास्टर नि छन व अलग बात च
जगा-जगों अस्पताल बण्या छन
जख न डॉक्टर मिलदा न दवै
मरीज प्रदेशों रैफर अलग बात च
नेता जी क विकास को त क्या ब्वन
गौं का बाटा-घाटा चपट कैरी
दून सैटल ह्वेगी व अलग बात च
विकास की त कै कहानी छन
जु तुम लोगों त सुणानि छन
अबि खुण इतगा भौत च..!!!
©® अनूप सिंह रावत "गढ़वाली इंडियन"
दिनांक: 14-11-2018 (बुधवार)
Wednesday, October 24, 2018
चुनौ कु शंखनाद

चुनौ कु शंखनाद ह्वेगे
हर दल मा घमासान ह्वेगे
अपड़ा बिरणा ह्वेगे त
बिरणा बळ अपड़ा ह्वेगे
पार्टी टिकट पौणा कु
हर कैन खूब जोर लगै
जैथै नि मिलु त वो
बळ निर्दल खडु ह्वेगे
गौं ख्वलों अर सैरों म
नेतों से ज्यादा तौंका
चमचों कु घपरोळ ह्वेगे
जण चारेक दिनों कु बळ
फ्री पीणा कु इंतजाम ह्वेगे
नेता देणा छि बुसिल्या भाषण
जनता बिचारि ताळी बजाणी
ये आस मा कि ऐंसु भलु होलु
अर नेता जी फिर झणी
टोपळी पैने की चलिगे।।
©® 2018 अनूप सिंह रावत
Monday, August 20, 2018
दैत ऐगेनी देवभूमि मा

दैत ऐगेनी देवभूमि मा
तख का मनिख्यों कु
सुःख चैन छन लूटणा
नजर च तौं कि
पहाड़ा बेटि-ब्वार्यों पर
दिन दुगणा रात चौगुणा
स्यु अपराध कन्ना छन
अभि भी बगत च चितै जावा
उठा जागा भै-बैण्यों
तौं का कुकर्मों से देवभूमि
गंदी नि हूणि द्यावा
कळजुग का धृतराष्ट्र
नेता अफ़सर चुपचाप देखणा
पंडो सि मजबूर नि ह्वावा
नि आणु कृष्ण भगवान ळ
अफि उठो हथियार अर
जख पकडेणा स्यु दैत
उठो अफि हथियार अर
काटी द्यो तखि तौंका गौळा
©® अनूप सिंह रावत
Tuesday, August 14, 2018
जरा याद कैरि ल्यावा
Tuesday, June 26, 2018
रैबार
Friday, May 25, 2018
सुपिन्या

सुपिन्या भि कभि-कबार
बकि-बाता का ह्वे जांदी
जनु कि ब्याळि रात ह्वे
क्या देखुणु छु कि
खाली पड्यां गौं-गुठ्यार
फिर से भ्वर्याँ छन
वल्या पल्या छाल फिर
मनिख्यों कु घपरोल
बांजा प्वड़्यां पुंगिड्यों म
धाण-काज करदा लोग
बाजारों म भारी रौनक
आंदा-जांदा बटोयों बहार
पंदेरों म बंठों की लैन
बांसुली बजांदा ग्वरेल
हैंसदा खेलदा गांदा गीत
मुल्क की निभांदा रीत
कच्ची पक्की सड़क दिखे
तौं पर हथ जोड़ि वोट मंगदा
जनि मिथै एक नेता दिखे
तनि फट्ट निंद टूटिगे
मनमोहण्या सुपिन्यु मेरु
झणी कख हर्चिगे !!!
©®2018 अनूप सिंह रावत
Friday, May 4, 2018
ऐंसु फिर रूड़ी ऐ ग्याई
Wednesday, April 25, 2018
चला भै स्कूल जौंला
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