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Friday, March 24, 2017

गढ़वाली शायरी - Anoop Rawat


यूं आंख्युं मा तुम्ही छौ.
ये मन मा तुम्ही छौ..
भाग्य मा तुम्ही छौ.
जीवन मेरो तुम्ही छौ..

COPYRIGHT © ANOOP SINGH RAWAT

Thursday, June 2, 2016

गढ़वाली शायरी - अनूप सिंह रावत

हैंसणु-खेळणु, रूठणु-मनाणु,
यनि माया की रस्यांण च।
सुख-दुःख मा सदनी साथ,
साँची माया की पछ्याण च।।

© 30-05-16 अनूप सिंह रावत
ग्वीन मल्ला, बीरोंखाल, पौड़ी (उत्तराखंड)

Monday, January 11, 2016

गढ़वाली शायरी - Anoop Rawat


घोळ छोडि की उड़िगे अब पंछी,
फोटो देखि की किलै छै अब रुणी।
जब त्वे बोलि छौ तिल पछतौण च,
तब त्वैंन मेरी एक बात नि सूणी।।

सर्वाधिकार सुरक्षित - अनूप सिंह रावत "गढ़वाली इंडियन"
ग्वीन मल्ला, बीरोंखाल, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड

Saturday, January 17, 2015

गढ़वाली शायरी - अनूप सिंह रावत

*** गढ़वाली शायरी ***
फूलों थैं क्या देखण, त्वे देखियाली.
भोली अन्वार तेरी, दिल मा बसैयाली.
प्रीत लागी गे, हे सुवा त्वैमा मेरी.
सबका सामणी आज, मिन बोलियाली..

© अनूप सिंह रावत “गढ़वाली इंडियन”
दिनांक – १७-०१-२०१५ (इंदिरापुरम)

Sunday, November 23, 2014

गढ़वाली शायरी - Anoop S. Rawat

तेरी आंख्युं का सौं, प्यार त्वेसे करुदु छौं.
यूं सांसों का सौं, त्वे पर मी मरुदु छौं.
सच माण या न माण, तू हे मेरी दगिद्या,
साँची माया मी, त्वेसणी करुदु छौं ...

© अनूप सिंह रावत “गढ़वाली इंडियन”
दिनांक – २३-११-२०१४ (इंदिरापुरम)

Friday, October 17, 2014

गढ़वाली शायरी – अनूप रावत


*** गढ़वाली शायरी – अनूप रावत ***

संसार भूली ग्युं मी त्वे देखि की.
तुमसणी अपड़ा दिल मा समझिकी.
मी पूजा करदू माया की .....
तुम्हारी इच्छा हे सुवा, साथ दे, न दे,
मी शरण ऐग्युं तुम्हारी माया की ...

© अनूप सिंह रावत “गढ़वाली इंडियन”
दिनांक – १७-१०-२०१४ (इंदिरापुरम)

गढ़वाली शायरी - अनूप सिंह रावत


*** गढ़वाली शायरी ***

जब बिटिन देखि त्वेथै सुवा,
सुपिन्या त्यारा ही देखणु छौं।
तेरी माया कु रोगी बणिग्युं,
नौ दिन राति तेरु ही जपणु छौं।।

© अनूप सिंह रावत "गढ़वाली इंडियन"
दिनांक - ०९-१०-२०१४ (इंदिरापुरम)

Friday, September 19, 2014

गढ़वाली शायरी - @$R

सुपिन्यों मा आंदी, निंद चुरै कि ली जांदी.
तेरी मयाली मुखुड़ी देखी, जिकुड़ी धकद्यांदी.
तू छै बांदों मा की बांद, चांदों मा की चाँद,
बांद गढ़वाल की ..... बांद पहाड़ा की .....

© अनूप सिंह रावत “गढ़वाली इंडियन”
दिनांक – १९-०९-२०१४, (इंदिरापुरम)

Monday, September 15, 2014

गढ़वाली शायरी - अनूप सिंह रावत

फ्योली सी मुखुड़ी तेरी दमकणी,
नाका की नथुली भली सजणी..
धवल ह्युं जनि दांतुड़ी चमकणी,
डांड्यू आंछिरी सी स्वाणी लगणी..

© अनूप सिंह रावत “गढ़वाली इंडियन”
दिनांक – १३-०९-२०१४ (इन्दिरापुरम)

Tuesday, September 2, 2014

गढ़वाली शायरी - अनूप सिंह रावत

छोड़ी की ईं दुन्यादारी थैं आज हम,
औ लठ्याली, माया कु घोळ बणोंला,
ईं माया बैरी दुन्या से चल दूर कखि,
स्वर्ग जनु सुंदर एक घर बणोंला।।

© अनूप सिंह रावत, दिनांक – 02-09-14
ग्वीन मल्ला, गढ़वाल (इंदिरापुरम)

Sunday, July 27, 2014

गढ़वाली शायरी - अनूप सिंह रावत


मुल-मुल हैंसी की किलै भरमांदी.
छ्वी लगाणा कु तू बानु खुज्यांदी.
मन की मन मा किलै तू दबांदी.
प्रीत च त हे छोरी किलै नि बिंगांदी.

सर्वाधिकार सुरक्षित © अनूप सिंह रावत
दिनांक – २७-०७-२०१४ (इंदिरापुरम)

Tuesday, July 8, 2014

गढ़वाली शायरी

न लगो तू मिठी-मिठी छ्वीं बता,
तेरी छुयों मा अलिझे नि जों कखि.
बौल्या समझुणु रों जमानु मिथे,
अर मैं त्वैमा माया लगाणु रों कखि..

© अनूप सिंह रावत “गढ़वाली इंडियन”
दिनांक – ०४-०९-२०१३ (इंदिरापुरम)

गढ़वाली शायरी - ASR

कॉलेज का दिनों की छोरी,
आज भी प्रीत त्वैमा ही चा।
फेसबुक ट्विटर कु पासवर्ड,
सची अब भी तेरु ही नौ चा।।

- अनूप सिंह रावत "ASR"

Friday, May 23, 2014

गढ़वाली शायरी

झणी क्या जादू करि तुमुन,
झणी कन्नु रोग लगी ग्यायी.
जून सी जुन्याली मुखुड़ी तुम्हारी,
हे सुवा मेरा मन मा बसी ग्यायी.

© अनूप सिंह रावत “गढ़वाली इंडियन”
दिनांक – १३-०५-२०१४ (इंदिरापुरम)