कर परिवर्तन आज
कर परिवर्तन आज समय बदल दे
चल आज जीवन का रूख बदल दे
नाम बदलना तू नीयत नही
काम बदलना तू जीरत नही
चल बढ़ा कदम अब मत ठहर
हो परिवर्तन तू कुछ कर गुजर
अंधविश्वास तू करना छोड़ दे
आडम्बरो को हे अब तू तोड़ दे
मत उलझ हे तू जाति धर्म में
ध्यान दे बस तू अब सुकर्म में
ना दौड़ हे तू ऐसे रुपये के पीछे
आ चल मिलकर प्रेम के पेड़ सींचे
ना किसी की बातों में तू बहकना
जो दिल में तेरे बस कर गुजरना
कविता जारी है..........
सर्वाधिकार सुरक्षित © अनूप सिंह रावत
"गढ़वाली इंडियन" दिनांक -२०-०४-२०१२
ग्वीन, बीरोंखाल, पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखंड)
इंदिरापुरम, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश)
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